नमस्कार,
आदमी आगे-आगे दौड़ता है तथा उतनी ही समस्याएँ उसका पीछा करती चलती हैं । चाहे वह लाख आपने आप मे बदलाव कर लेवे । मै समझता हूँ की उसे सोच-समझ कर आपना फर्ज पूरा करना चाहिए । कभी भी उसे इन मुश्कीलो से मुह नहीं मोड़ना चाहिय तभी वो सफल मनुस्य होगा। अतं "जो दर गया वो मर गया "
द्वारा-भजन सिंह घारू
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Thursday, February 24, 2011
Saturday, January 15, 2011
Lohri
नमस्कार,
13 जनवरी को लोहरी का पर्व था।यह खुशियों का मौका हर साल आता है। तथा हम लोग मूंगफली, रेवरियाँआदि बाँटते हैं। लोग एक दूजे को बधाई देते हैं।मैं अपनी और से बहुत- बहुत बधाई देता हूँ।
द्वारा-भजन सिंह घारू
13 जनवरी को लोहरी का पर्व था।यह खुशियों का मौका हर साल आता है। तथा हम लोग मूंगफली, रेवरियाँआदि बाँटते हैं। लोग एक दूजे को बधाई देते हैं।मैं अपनी और से बहुत- बहुत बधाई देता हूँ।
द्वारा-भजन सिंह घारू
Monday, November 1, 2010
नमस्कार,
कुछ दिनों के बाद दीपावली का बड़ी धूम-धाम से मनाया जायगा । जो भारत के वासी ज्यादातर ही मनाते आ रहे हैं। लोग इस मौके पर अपने-अपने घरों की सफाई आदि करते हैं। वहीँ अपने घरों मे ही अछि-अच्छी मीथायीयाँ आदि बनते हैं। अवम घरों पर तेल के दीये जलाते हैं। और पटाके भी चलते हैं। मैं इस अवसर पर सारे भाई बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, तथा प्रार्थना करता की धरती पर खुशाली हो और लोगो में भाई-चारा बढे अवम सारे सुखी हो।
द्वारा- भजन सिंह घारू
कुछ दिनों के बाद दीपावली का बड़ी धूम-धाम से मनाया जायगा । जो भारत के वासी ज्यादातर ही मनाते आ रहे हैं। लोग इस मौके पर अपने-अपने घरों की सफाई आदि करते हैं। वहीँ अपने घरों मे ही अछि-अच्छी मीथायीयाँ आदि बनते हैं। अवम घरों पर तेल के दीये जलाते हैं। और पटाके भी चलते हैं। मैं इस अवसर पर सारे भाई बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, तथा प्रार्थना करता की धरती पर खुशाली हो और लोगो में भाई-चारा बढे अवम सारे सुखी हो।
द्वारा- भजन सिंह घारू
Friday, October 8, 2010
Sunday, September 19, 2010
दोस्तों नमस्कार,
आज फिर आप के साथ बात करने का मौका खुदा ने दिया है। ये उस परवरदिगार की नियामत है की वह उसको अवसर प्रदान करता है । सही मायनो में बन्दा वही है जो उसकी दी हुई जिंदगानी को सही रास्ते पर चलाता है। और जिंदगानी का मतलब समझता है। मैं समझता हूँ की जो लोग सही काम करते हैं । ऊपरवाला उसकी सदा मदद करता है।
द्वारा- भजन सिंह घारू
आज फिर आप के साथ बात करने का मौका खुदा ने दिया है। ये उस परवरदिगार की नियामत है की वह उसको अवसर प्रदान करता है । सही मायनो में बन्दा वही है जो उसकी दी हुई जिंदगानी को सही रास्ते पर चलाता है। और जिंदगानी का मतलब समझता है। मैं समझता हूँ की जो लोग सही काम करते हैं । ऊपरवाला उसकी सदा मदद करता है।
द्वारा- भजन सिंह घारू
Saturday, September 4, 2010
नमस्कार,
कल दिनांक ५ सितम्बर को टीचर दे के रूप मै मनाया जाता है। मै उन टीचेरो को धन्यवाद् देता हूँ जो इस सेवा मै समर्पित हैं । और अपना कार्य ईमानदारी के साथ करते हैं। दूजो को ज्ञान देना इक पुन कर्म माना जाता है। बार-बार इस कार्य से जुरे लोगो पर आलोचना की मार परती है। पर फिर भी यह पावन कर्म है। मै इन्हें सलाम करता हूँ।
द्वारा- भजन सिंह घारू
कल दिनांक ५ सितम्बर को टीचर दे के रूप मै मनाया जाता है। मै उन टीचेरो को धन्यवाद् देता हूँ जो इस सेवा मै समर्पित हैं । और अपना कार्य ईमानदारी के साथ करते हैं। दूजो को ज्ञान देना इक पुन कर्म माना जाता है। बार-बार इस कार्य से जुरे लोगो पर आलोचना की मार परती है। पर फिर भी यह पावन कर्म है। मै इन्हें सलाम करता हूँ।
द्वारा- भजन सिंह घारू
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