Monday, March 14, 2011

सनम

सनम,
चुपके से आना मेरे सनम ,देख न ले तेरे जमाना कदम।
लगता है एसे] मिले हो जेसे, कई मरतबा यहाँ ,
रहे अलग हैं,जिसम जुदाह है, अलग हुए हैं यहाँ।
चुपसे आना मेरे सनम......
तेरे सांसो की हर खुशबु मे महक मेरी है,
विखरें न कहीं समेटें रहो हर धमक मेरी है।
चुपके से आना मेरे सनम ,देख न ले जमाना कदम॥
द्वारा- भजन सिंह घारू

जापान मै सुनामी

नमस्कार ,
विपदा मै साथ देना और उसमे अपनी सवेंदनाएँ जताना एक फर्ज नहीं बल्कि किसी पीड़ा मे शामिल होना है। विपदा किसी पर भी आ सकती है। इतनी खतरनाक घटना के बाद पूरे विश्व को सबक या सीख लेने की जरुरत है। ताकि एस प्रकार की आपदाओं से कैसे बचा जाय व् उस के लिय पूर्व से तैयारी की जा सके । मै एक भयंकर आपदा से हुय विनाश तथा जान-माल की शहती से गहरा दुःख हुआ है। भगवान जापान वासियों को सहन -शक्ति प्रदान करें । सब लोगों की जिमेदारी है की इसमे बढ़कर सहायता करें।
द्वारा-भजन सिंह घारू

Saturday, March 5, 2011

फोटो मेरे





भजन सिंह घारू, डॉ०दिनेश कुमार , श्री अमित , श्री जय प्रकाश शर्मा ।










जस्रोता माता मंदिर दर्शन,

Wednesday, March 2, 2011

जन्म दिन मुबारक


जन्म दिन की ढेरों शुभ-कामनाएं ,

शरदे शुशील बाकलीवाला जी आपको सठियाने को पार करने की बहुत-बहुत बधाई तथा आपके शतक पूरा करने की मै भगवान से प्रार्थना करूगां व् उम्मीद करता हूँ की आप इसी तरह से नेट के माद्यम से हिंदी का महत्व बढ़ाते रहगें।

एक बार फिर जन्म दिन मुबारक

Tuesday, March 1, 2011

महाशिव रात्रि

महाशिव रात्रि ,

हमारे यहाँ देवी-देवताओं की पूजा अर्चना प्राचीन समय से चली आ रही है। जिसमे महाशिवरात्रि का अपना महत्व है । हिन्दू धर्म भगवान शिवजी अपना अलग स्थान है। इस दिनलोग व्रत रखते हैं तथा शिव मदिर मै जा कर पूजा अर्चना करते है। अवं भगवान से अपनी तथा अपने परिवार की खुश-हाली की मन्नत मांगते है।

महिलायं भी इस दिन पर व्रत रख कर अपने तथा अपने परिवार की सुखद कामना करती है। और भोले बाबा सबकी झोली भरते है। मै अपनी और से गूगल नेट के द्वारा भोले बाबा से समस्त जगत की खुश-हाली कामना करता हूँ। कल २ मार्च २०११ को महाशिव रात्रि की सबको बहुत-बहुत बधाई।

द्वारा - भजन सिंह घारू

Sunday, February 27, 2011

बधाई

सचिन को बधाई ,
विशव कप मै सचिन द्वारा बनाये गए १०० रन भारत की जीत मे मील का पत्थर साबित होगें । मै अपनी और से सचिन को ४७वि शतक लगाने पर बहुत बहुत बधाई देता हूँ। तथा उम्मीद करता हूँ की आज देश हमारा जीतेगा।
भारत की जय !

कविता

साकी
आय थे तुम से मिलने साकी,
राह तकते रहे, आखें नम हो गई।.
हर सुबह तेरे नाम से शुरू होती है।
हो जाय to समझू तू मेरे साथ होती है।
शाम ढल गई है रात है बाकि।
आये थे तुम से मिलने साकी।।
तेरे चेहरे मे मुझे तकदीर नझर आती है।
हर हसीन लम्हे मे तासीर नझर आती है।
नझर रखना सदा, हो न जाय आकी।
आये थे तुम से मिलने साकी ।।
राह तकते रहे, आखेँ नाम हो गई।।