नमस्कार ,
काफी दिनों के बाद नेट के माद्यम से आज फिर आया हूँ मैं आपका दिल से स्वागत करता हूँ । उमीद करता हूँ की सभी स्वस्थ होंगे । ऊपर वाले से सारे जहाँ की खुशामद मांगता हूँ। आज के लिय इतना ही ।
द्वारा - भजन सिंह घारू
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Tuesday, August 10, 2010
Monday, May 31, 2010
समय
नमस्कार !
समय बहुत बलवान है । हर व्यक्ति को अपने वकत का सही उपयोग करना चाहिय नहीं तो आपको बहुत भारी नुकशान हो सकता है । अंत मानव को समय सही उपयोग करना आवस्यक हो जाता है ।
द्वारा- भजन सिंह घारू
समय बहुत बलवान है । हर व्यक्ति को अपने वकत का सही उपयोग करना चाहिय नहीं तो आपको बहुत भारी नुकशान हो सकता है । अंत मानव को समय सही उपयोग करना आवस्यक हो जाता है ।
द्वारा- भजन सिंह घारू
Wednesday, March 10, 2010
महिला बिल पास
१० मार्च २०१०,
९ मार्च २०१० को राज्य सभा में महिला आरक्षण बिल पास हुआ। यह अच्छा हुआ । देश की महिलाओं की भागीदारी अवसयक है। इससे देश में खुशयाली आयेगी। और महिलाओं को समानता का अवसर मिलेगा। वरन इस पुरष परधान समाज ने अपना दबदबा जमा लिया था। शायद अब समाज का सवरूप बदलेगा । देश सही दिशा कीं और प्रगति करेगा।
९ मार्च २०१० को राज्य सभा में महिला आरक्षण बिल पास हुआ। यह अच्छा हुआ । देश की महिलाओं की भागीदारी अवसयक है। इससे देश में खुशयाली आयेगी। और महिलाओं को समानता का अवसर मिलेगा। वरन इस पुरष परधान समाज ने अपना दबदबा जमा लिया था। शायद अब समाज का सवरूप बदलेगा । देश सही दिशा कीं और प्रगति करेगा।
Tuesday, March 9, 2010
महिला शःसक्तिकरण
९ मार्च २०१०।
आजादी के ६२ सालों के बाद भी महिलाओं को पूरी सुविधाए नहीं मिली। ८ मार्च महिला दिवस के अवसर पर ३३ प्रतिशत का कोटा देकर सम्मान देना जरुरी था .मगर जनता के श्हत्रिया नेताओ ने देश की जनता को शर्मसार किया है .मतदान करने वाली जनता का अपमान किया है। मुझे लगता है पुरष परधान समाज महिलाओं के बराबर आने से घबराता है । यह उसकी घटिया सोच का घोतक है। आज महिला शाश्क्त व् विवेक्ष्हाली है जो समाज की प्रगति को दिखाता है। अतं महिलों की सुविधओं को बढ़ाना अति आवस्यक हो जाता है ।
आजादी के ६२ सालों के बाद भी महिलाओं को पूरी सुविधाए नहीं मिली। ८ मार्च महिला दिवस के अवसर पर ३३ प्रतिशत का कोटा देकर सम्मान देना जरुरी था .मगर जनता के श्हत्रिया नेताओ ने देश की जनता को शर्मसार किया है .मतदान करने वाली जनता का अपमान किया है। मुझे लगता है पुरष परधान समाज महिलाओं के बराबर आने से घबराता है । यह उसकी घटिया सोच का घोतक है। आज महिला शाश्क्त व् विवेक्ष्हाली है जो समाज की प्रगति को दिखाता है। अतं महिलों की सुविधओं को बढ़ाना अति आवस्यक हो जाता है ।
Wednesday, February 24, 2010
सरकार को मह्घाई रोकने के सखत उपाय करने होंगे ताकि हर व्यक्ति आराम से आपना जीवन यापन कर सके । इस प्रकार के उपाए करे जो फयदेमद हो । इसमें नेशनल कार्ड जारी करने होगें और दामों मैं अंतर लाना होगा । दाम को सम्पन्नता के साथ मिलाकर तह करना होगा , जैसे आदमी आपनी मर्जी से उचे दामों से खरीदता है वैसे ही मिलेगा तथा सरकार को फायदा होगा । अनुदान या रियात बंद हो जाए तो उचित होगा ।
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